विराट कोहली और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ICC वनडे रैंकिंग में व्यक्तिगत सूची में शीर्ष पर कायम हैं, लेकिन भारत अगर अपने अगले आठ वनडे मुकाबले जीत लेता है, तो वह टीम रैंकिंग में पहले स्थान पर चल रही इंग्लैंड से महज एक अंक पीछे रह जाएगा. भारत को ऑस्ट्रेलिया से तीन और न्यूजीलैंड से पांच वनडे खेलने हैं जिससे वह 125 अंक तक पहुंच जाएगा और इंग्लैंड से केवल एक अंक पीछे रहेगा, लेकिन ऐसा तभी होगा जब वह अपने सभी आठ मैचों में जीत हासिल कर लेगा जबकि पाकिस्तान को उन्हें पछाड़ने के लिए दक्षिण अफ्रीका को 5-0 से हराना होगा.
इंग्लैंड की टीम तालिका में 126 अंक लेकर शीर्ष पर चल रही है जबकि इस समय भारतीय टीम 121 अंक लेकर दूसरे स्थान पर चल रही है. बल्लेबाजी सूची में कोहली (एक) और रोहित शर्मा (दो) ने अपना स्थान कायम रखा है जबकि बुमराह गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के राशिद खान (दूसरे) और टीम के अपने साथी कुलदीप यादव (तीसरे) से काफी आगे हैं. अन्य भारतीयों में बल्लेबाज शिखर धवन नौंवें स्थान पर हैं जबकि लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इंग्लैंड के आदिल राशिद के साथ संयुक्त छठे स्थान पर हैं.
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वनडे टीम रैंकिंग में न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को शिकस्त देकर अपना तीसरा स्थान कायम रखा है. उन्होंने एक अंक हासिल किया जिससे उनके 113 अंक हो गए जबकि श्रीलंका अपने आठवें स्थान पर बना हुआ है, लेकिन वह एक अंक गंवा चुका है जिससे उसके 78 अंक हैं. आपको बता दें कि टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 12 जनवरी को सिडनी में खेलेगी.
सीरीज का दूसरा वनडे एडिलेड में 15 जनवरी को खेला जाएगा और आखिरी वनडे 18 जनवरी को मेलबर्न में खेला जाएगा. टेस्ट में कंगारुओं को पीटने वाली विराट ब्रिगेड के पास वनडे सीरीज जीतकर इतिहास रचने का मौका है. विराट कोहली अगर टीम इंडिया को वनडे सीरीज में भी जीत दिलाते हैं तो वह भारत के पहले ऐसे कप्तान बन जाएंगे जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर एक ही दौरे में टेस्ट और बाइलैटरल (द्विपक्षीय) वनडे सीरीज में जीत दर्ज की होगी.
जब नौकरी ही नहीं तो देंगे क्या?
वहीं अपना पक्ष रखते हुए सिब्बल ने कहा कि देश में जितनी नौकरी पैदा नहीं हो रही उससे ज्यादा नौकरी खत्म हो रही है और यह डिजिटल होते भारत की सच्चाई है. सिब्बल ने बताया कि 2001-2019 तक कुल नौकरी 7.3 फीसदी रही और इस हिसाब से सरकार द्वारा नई नौकरी प्रति वर्ष 0.4 फीसदी पैदा की गई. लिहाजा, नई नौकरी और खत्म होती पुरानी नौकरी की ऐसी स्थिति के बीच किस नौकरी को बतौर आरक्षण सरकार देने जा रही है. आंकड़ों का हवाला देते हुए सिब्बल ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में 45,000 नौकरी दी. लिहाजा, क्या वह अब 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान महज 4,500 लोगों को नौकरी देने के लिए कर रहे हैं.
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सिब्बल ने कहा कि देश नई नौकरी नहीं पैदा कर रहा है. इस देश को आरक्षण नहीं नौकरी चाहिए और नौकरी सिर्फ विकास से आएगी. 7.3 फीसदी की दर से ग्रोथ है फिर भी नौकरी नहीं पैदा हो रही है. सीबीआई, ईडी जैसी जांच एजेंसी को सबके पीछे लगा दिया है तो निवेश कौन और कैसे लाएगा. लिहाजा, सरकार बताए कि उनके पास क्या आंकड़ा है. आखिर क्यों सरकार संविधान में ये संशोधन लेकर आई है. सरकार साफ करे कि क्या संविधान में संशोधन करने का यह तरीका सही है? सिब्बल ने कहा कि जब देश में एससी, एसटी और ओबीसी को ही आरक्षण के मुताबिक नौकरी नहीं दी जा पा रही है तो वह अब 10 फीसदी सामान्य क्ष्रेणी को नौकरी देने का ऐलान कर क्या करने जा रही है? सिब्बल ने कहा कि महज संशोधन बिल लाकर मोदी सरकार बेहद खुश हो रही है लेकिन एक सच्चाई से वह मुंह मोड़ रही है कि असली खुशी जनता को मिलनी चाहिए और क्या उनके इस बिल से जनता .
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