मोदी सरकार ने साल 2015 में बालिकाओं के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) आरंभ की थी। इस योजना के जरिए आप अपनी बिटिया को 25 साल की आयु में करोड़पति भी बना सकते हैं। खास बात ये है कि इसके लिए आपको 14 साल तक ही एक तय रकम सुकन्या समृद्धि योजना के अकाउंट में जमा करानी होगी। ये रकम करीब एक करोड़ के एक चौथाई से भी कम होगी। यह राशि आप सालाना या मासिक तौर पर जमा कर सकते हैं। यह खाता बेटी के 21 साल के होने के बाद ही मैच्योर होगा। हालांकि, अगर वह 25 साल तक अविवाहित रहेगी तो भी उसे जमा राशि पर नियमानुसार ब्याज मिलता रहेगा।
फिलहाल ब्याज दर क्या?
सुकन्या समृद्धि योजना पर फिलहाल ब्याज दर 8.5 प्रतिशत है। इसका हर साल रिवीजन किया जाता है। सुकन्या समृद्धि योजना में एक साल में 1.5 लाख रुपए से ज्यादा जमा नहीं कराए जा सकते। इस योजना में 1 से लेकर 10 से कम उम्र की बेटियों का खाता खोला जा सकता है। अगर आप 12,500 या 10,000 रुपए प्रति महीना 14 साल तक जमा कराते हैं तो वर्तमान ब्याज दर के हिसाब से जब आपकी बेटी 21 साल की होगी तो उसे 7,799,280 रुपए मिलेंगे। और मान लीजिए कि वो 21 साल के बाद भी और पांच साल अविवाहित रहती है तो उसे 10,808,700 रुपए मिलेंगे। यानी 25 साल की आयु होने पर एक करोड़ रुपए से भी ज्यादा।
एक तरीका ये भी
मान लीजिए आप एक साल की अपनी बेटी के लिए हर महीने 10 हजार रुपए जमा करते हैं। वर्तमान ब्याज दर के हिसाब से जब वो 21 साल की होगी तो उसे 35 लाख रुपए मिलेंगे। इसके बाद मान लीजिए कि वो अगले 6 साल तक शादी नहीं करती तो वो जब 27 साल की होगी तो उसे 10,179,417 रुपए मिलेंगे। अब हिसाब लगाएं कि आप 14 साल में सिर्फ 1,680,000 रुपए ही जमा कर रहे हैं। SSY में एक साल में जमा करने की न्यूनतम राशि 250 रुपए है।
टैक्स में फायदा
सुकन्या समृद्धि योजना या SSY का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इस खाते के मैच्योर होने पर भी आपको किसी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इसको आयकर कानून की धारा 80C के तहत कर मुक्त यानी टैक्स से छूट दी गई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अलावा और भी कई बैंकों में इस योजना के तहत खाता खोला जा सकता है।
नोट: जानकारी के लिए ऑनलाइन कंपाउंड इंटररेस्ट कैल्कुलेटर का इस्तेमाल किया गया। ब्याज दर हर साल परिवर्तित होती हैं। इसलिए खाता मैच्योर होने के वक्त मिलने वाली रकम उस रकम से अलग हो सकती है जो खबर में दी गई है।