Thursday, March 21, 2019

सरयू नदी में एक ही परिवार के 5 छात्रों की डूबकर मौत, सभी होली मनाने घर आए थे

गोरखपुर. यहां के बेलघाट इलाके में सरयू नदी में बुधवार शाम नहाने पांच छात्रों की डूबकर मौत हो गई। देर रात तक सभी शव बरामद कर लिए गए। सभी छात्र होली मनाने के लिए घर आए थे।

बेइली खुर्द गांव निवासी कृष्णमुरारी शुक्ल का 14 वर्षीय बेटा सत्यम 8वीं का छात्र था। उनके भाई मदन मुरारी शुक्ल का 19 वर्षीय बेटा बीएससी का छात्र था। दोनों गोरखपुर से तीन दिन पहले होली की छुट्टी पर घर आए थे। गांव के ही ध्रुवनारायण शुक्ला का 16 वर्षीय बेटा नितेश भी होली पर ही गांव गया था। ध्रुवनारायण के भाई दिनेश शुक्ल का बेटा 17 वर्षीय बेटा अमन बेलघाट में इंटरमीडिएट का छात्र था। उरुवा थाना क्षेत्र स्थित परसा तिवारी निवासी सूर्यपति त्रिपाठी का 18 वर्षीय बेटा आदर्श मुंबई में मेडिकल का छात्र था। दो दिन पहले वह भी अपने ननिहाल मदन शुक्ल के घर गया था।

लोग ढूंढते हुए सरयू नदी के पास पहुंचे

बुधवार दोपहर बाद पांचों छात्र घर से घूमने निकले थे। देर शाम तक जब वे घर नहीं लौटे तो परिजन को चिंता हुई। ग्रामीण उन्हें ढूंढते हुए गांव से करीब 500 मीटर दूरी पर सरयू नदी के किनारे पहुंचे। लोगों ने किशोरों के मोबाइल नंबर डायल किए तो घंटी सुनाई दी। मोबाइल ढूंढा तो पास ही पांचों युवकों के कपड़े पड़े थे। कपड़ों में ही उनके मोबाइल भी थे। लोग परेशान हो गए। यह आशंका हुई कि सभी किशोर नदी में स्नान करने गए होंगे और डूब गए होंगे।

गांव के कुछ लोग जाल लेकर नदी में उतर गए। पुलिस जब तक मौके पर पहुंचती और गोताखोरों को बुलवाती, ग्रामीणों ने सत्यम की लाश बरामद कर ली। देर रात तक सभी लाशें नदी में मिल गईं।

क्राइस्टचर्च. न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों में पिछले दिनों हुए कत्लेआम के बाद सरकार ने हथियार नीति में बदलाव किया। गुरुवार को प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने कहा कि न्यूजीलैंड में सभी तरह के सेमी ऑटोमैटिक हथियारों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा सभी असॉल्ट राइफलों की बिक्री पर रोक होगी। जेसिंडा ने कहा कि इनमें ऐसे हथियार भी फायर आर्म्स भी शामिल हैं, जिन्हें सेमी ऑटोमैटिक हथियारों में बदला जा सकता है।

क्राइस्टचर्च स्थित अल-नूर और लिनवुड मस्जिद में बीते शुक्रवार (15 मार्च) को हुए हमले में 50 लोगो मारे गए थे। इनमें 8 भारतीय थे। हमलावर ब्रेंटन टैरेंट (28) ने नमाज के दौरान लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। इस दौरान 50 से ज्यादा लोग जख्मी भी हुए थे। इसमें बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ी भी बाल-बाल बच गए थे। दुनियाभर में हमले की निंदा की गई। आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री आर्डर्न ने गन कानून में बदलाव करने की बात कही थी।

पहली पेशी में कोर्ट में हंस रहा था टैरेंट

ऑस्ट्रेलियाई मूल के आरोपी ब्रेंटन को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया था। उसे 5 अप्रैल तक हिरासत में भेजा गया। पहली पेशी में टैरेंट को हथकड़ी लगी हुई थी। इस दौरान वह पूरे समय मुस्कुराता दिखा था। कुछ देर मीडिया की तरफ बनावटी हंसी में उसने सबकुछ ठीक होने का इशारा किया। हत्यारे के बचाव के लिए सरकारी वकील साथ गए थे, लेकिन उसने अपने वकील को हटाकर खुद केस लड़ने का फैसला किया। टैरेंट ने कोर्ट में खुद को फासिस्ट बताया और जमानत के लिए आग्रह भी नहीं किया।